गुमनाम सी एक ख़ामोशी
तेरे मेरे बीच में
देखो आकर के खड़ी
तेरे मेरे बीच में
कुछ शब्द तेरे मन में हैं
कुछ शब्द मेरे मन में भी
मजबूरी ज़बान की
तेरे मेरे बीच में
इश्क़ का हिस्सा तो सबके
हिस्से में कब आ पाया
अब तो है बस दोस्ती
तेरे मेरे बीच में
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