Saturday, February 10, 2024

ख़ामोशी

गुमनाम सी  एक ख़ामोशी
तेरे मेरे बीच में 

देखो आकर के खड़ी 
 तेरे मेरे बीच में 

कुछ शब्द तेरे मन में हैं 
कुछ शब्द मेरे मन में भी 

मजबूरी ज़बान की 
तेरे मेरे बीच में 

इश्क़ का हिस्सा तो सबके 
हिस्से में कब आ पाया 

अब तो है बस दोस्ती 
तेरे मेरे बीच में 

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