कभी इन्द्रधनुष देखा है तुमने?
बेताबी, शांति, खामोशी,
खुशी, गम, गुस्सा और प्यार
अपने सात रंगों में समेटे हुए
कितना खूबसूरत लगता है दूर से
लेकिन जब पास जाओगे, तो जानोगे
कि वो है भी तो नहीं
है तो बस हवा और नज़रों का धोखा
मैं वही इन्द्रधनुष हूं
हूं भी और नहीं भी ।
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